तनिक ठहरो तुम
तनिक ठहरो तुम
एक सांस लो गहरी!
झांको मन में
और पूछो खुद से ज़रा
इस छोटे से मन में,
तुमने क्या क्या है भरा?
कितने बनावटी कहानी किस्से
थोड़ी झूठी मुस्कान
तनिक ठहरो, और गिरा दो आज के लिए
इस मुखौटे को
तनिक ठहरो तुम
एक सांस लो लंबी!
पूछो इस बार
कांधो से अपने,
क्या क्या बोझा उठा कर घूम रहे?
कितनी ज़िम्मेदारियाँ, थोड़े वायदे
तनिक रख दो ये गठरी ज़मीं पर
दो मिनट सुस्ता लो
तनिक ठहरो तुम
एक सांस लो धीमी धीमी!
पूछो इस बार
घुटनों से अपने,
कहाँ-कहाँ टेक दिये तुमने?
कितनी मजबूरियाँ, थोड़ी परेशानियाँ
तनिक सहला लो उन्हें
मलहम लगा दो प्यार की
तनिक ठहरो तुम
एक सांस लो खुल कर!
देखो इन पैरों की तरफ
कहां-कहां से चलकर आये ये, तुम्हारे संग
देखो अपने बीते हुए रास्ते को
कितना ही सफर तय कर लिया तुमने,
जाने अनजाने में!
वाह!! ये तो सोचा ही न था!
चलो इसी बात पर…
पैरों को थिरकाओ
पीठ थपथपाओ खुद की
उठाओ गर्व से अपना सर
थोड़ा झूम भी जाओ
एक लंबी सांस लो… मस्ती भरी
और चल दो..
उन मुखौटों को, उन गठरियों को वहीं रहने दो
इस बार … यूँ ही चल दो
बे-वजह बे-मकसद
एक तिरछी मुस्कान, थोड़ी मीठी हँसी भरते हुए,
अपनी लंबी सांस में!!
❤❤❤
Mmm
Om mani. I am mani